पापा बोले बिटिया से,
जीवन में ख़ुश रहना है।
सोच समझकर बतलाओ,
जो कुछ तुमको बनना है।
प्यारा देश हमारा है,
सीमा पर मैं जाऊँगी।
बिटिया बोली पापा से,
फाइटर प्लेन उड़ाऊँगी।
दुश्मन आँख तरेरेगा,
उसको मार भगाऊँगी।
मैं भारत की बेटी हूँ,
परचम फिर लहराऊँगी।
© डॉ. शैलेष गुप्त 'वीर'
18/17, राधा नगर, फतेहपुर (उ. प्र.)
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